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Nepal Gov: नेपालको मन्त्री मन्डलको सुची PDF Print E-mail
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as of March 18, 2013:


अन्तरिम चुनावी परिषद

सरकार प्रमुख (अध्यक्ष)

प्रधानन्यायाधिस खिलराज रेग्मी
रक्षा र सहकारी तथा गरिबी निवारण

मन्त्रीहरु

माधवप्रसाद घिमिरे
गृह र परराष्ट्र

हरि न्यौपाने
कानुन, न्याय तथा श्रम र रोजगार

ऋद्धिबाबा प्रधान
महिला, बालबालिका र भूमिसुधार

विद्याधर मल्लिक
स्थानीय विकास र स्वास्थ्य

माधव पौडेल
सामान्य प्रशासन, सञ्चार र शिक्षा

शंकरप्रसाद कोइराला
अर्थ, उद्योग र वाणिज्य तथा आपूर्ति

छविराज पन्त
भौतिक पूर्वाधार र सहरी विकास

टेकबहादुर थापा घर्ती
कृषि विकास र वन तथा भूसंरक्षण

रामकुमार श्रेष्ठ
शान्ति, पर्यटन र युवा तथा खेलकुद

उमाकान्त झा
ऊर्जा, सिँचाइ र विज्ञान तथा प्रविधि

Updated as of March 14, 2013:


सम्माननीय प्रधानमन्त्री

1. डा. बाबुराम भट्टराई, प्रधानमन्त्री, सहरी विकास, रक्षा, कानुन, न्याय, संविधानसभा तथा संसदीय मामिला , कृषि विकास र युवा तथा खेलकुद, सङ्‌घीय मामिला तथा स्थानीय विकास र सामान्य प्रशासन , वाणिज्य तथा आपूर्ति

माननीय उपप्रधानमन्त्रीहरू

2. विजयकुमार गच्छदार, (मधेसी मोर्चा), गृह
3. नारायणकाजी श्रेष्ठ, (माओवादी), परराष्ट्र¸ ऊर्जा

मन्त्रीहरू

4. हृदयेश त्रिपाठी, (मधेसी मोर्चा), भौतिक योजना, निर्माण तथा यातायात व्यवस्था
5. पोष्टबहादुर बोगटी, (माओवादी), संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन
6. टोपबहादुर रायमाझी, (माओवादी), शान्ति तथा पुनर्निर्माण
7. राजेन्द्र महतो, (मधेसी मोर्चा), स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
8. वर्षमान पुन मगर, (माओवादी), अर्थ
9. दीनानाथ शर्मा, (माओवादी), शिक्षा
10. महेन्द्रप्रसाद यादव, (मधेसी मोर्चा), सिंचाई
11. अनिलकुमार झा, उद्योग
12. राजकिशोर यादव, (मधेसी मोर्चा), सूचना तथा सञ्चार
13. चन्द्रदेव जोशी, (नेकपा संयुक्त), भूमिसुधार तथा व्यवस्था
14. डा. केशवमान शाक्य, (नेपाः पार्टी), वातावरण, विज्ञान तथा प्रविधि
15. एकनाथ ढकाल, (परिवार दल), सहकारी तथा गरिबी निवारण
16. कुमार बेल्बासे, श्रम तथा रोजगार
17. यदुवंश झा, वन तथा भू-संरक्षण
18. बद्रीप्रसाद न्यौपाने, महिला, बालबालिका तथा समाजकल्याण

Visit Nepal Government's official site:
http://www.opmcm.gov.np/np/council/
http://www.nepalgov.gov.np/

Updated as of May 16, 2012:

सम्माननीय प्रधानमन्त्री

1. डा. बाबुराम भट्टराई, प्रधानमन्त्री

माननीय उपप्रधानमन्त्रीहरू

2. विजयकुमार गच्छदार, (मधेसी मोर्चा), गृह
3. नारायणकाजी श्रेष्ठ, (माओवादी), बिना विभागीय
4. क़ष्णप्रसाद सिटौला (काङ्ग्रेस) बिना विभागीय
5. ईश्वर पोखरेल (एमाले) बिना विभागीय

मन्त्रीहरू

6. हृदयेश त्रिपाठी, (मधेसी मोर्चा), भौतिक योजना तथा निर्माण
7. पोष्टबहादुर बोगटी, (माओवादी), बिना विभागीय
8. टोपबहादुर रायमाझी, (माओवादी), बिना विभागीय
9. राजेन्द्र महतो, (मधेसी मोर्चा), स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
10. वर्षमान पुन मगर, (माओवादी), बिना विभागीय
11. दीनानाथ शर्मा, (माओवादी), बिना विभागीय
12. महेन्द्रप्रसाद यादव, (मधेसी मोर्चा), सिंचाई
13. राज किशोर यादव, (मधेसी मोर्चा), सूचना तथा सञ्चार
14. सुर्यमान गुरूङ (काङ्ग्रेस), बिना विभागीय
15. राधा ज्ञवाली (एमाले), बिना विभागीय
16. अनिल झा, (सङ्घीय सद्‍भावना), बिना विभागीय
17. चन्द्रदेव जोशी, (नेकपा संयुक्त), बिना विभागीय
18. परशुराम खापुङ, (राप्रपा), बिना विभागीय
19. केशवमान शाक्य, (नेपाः पार्टी), बिना विभागीय
20. एकनाथ ढकाल, (परिवार दल), बिना विभागीय

Visit Nepal Government's official site:
http://www.opmcm.gov.np/np/council/
http://www.nepalgov.gov.np/

As of March 29, 2012:

सम्माननीय प्रधानमन्त्री

1 डा. बाबुराम भट्टराई, प्रधानमन्त्री

उपप्रधानमन्त्रीहरू

2 विजयकुमार गच्छदार, गृह र रक्षा
3 नारायणकाजी श्रेष्ठ, परराष्ट्र

मन्त्रीहरू

4. हृदयेश त्रिपाठी, भौतिक योजना तथा निर्माण
5. पोष्टबहादुर बोगटी, ऊर्जा
6. टोपबहादुर रायमाझी, स्थानीय विकास
7. राजेन्द्र महतो, स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
8. वर्षमान पुन मगर, अर्थ
9. दीनानाथ शर्मा, शिक्षा
10. महेन्द्रप्रसाद यादव, सिंचाई
11. लोकेन्द्र विष्ट मगर, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन
12. गोपाल किराँती, सङ्घीय मामिला, संविधानसभा, संसदीय व्यवस्था तथा संस्कृति
13. लेखराज भट्ट, वाणिज्य तथा आपूर्ति
14. भीमप्रसाद गौतम, भूमिसुधार तथा व्य.
15. रामकुमार यादव, सामान्य प्रशासन
16. अनिलकुमार झा, उद्योग
17. वृजेशकुमार गुप्ता, कानुन तथा न्याय
18. हेमराज तातेड, वातावरण
19. कमला रोका मगर, युवा तथा खेलकुद
20. राजकिशोर यादव, सूचना तथा सञ्चार
21. राजलाल यादव, कार्यभार पछि तोकिने
22. मुहम्मद वकिल मुसलमान, वन तथा भू-संरक्षण
23. दानबहादुर कुर्मी चौधरी, महिला, बालबालिका तथा समाजकल्याण
24. कल्पना धमला, विज्ञान तथा प्रविधि
25. सत्य पहाडी, शान्ति तथा पुनर्निर्माण
26. मालबरसिंह (एमएस) थापा मगर, श्रम तथा यातायात व्यवस्था
27. अकवाल अहमद साह, कृषि तथा सहकारी

राज्यमन्त्रीहरू

28. खोभारी राय, उद्योग
29. रामबच्चन अहिर (यादव), रक्षा
30. सरोजकुमार यादव, स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
31. दिलीप महर्जन, भूमिसुधार तथा व्यवस्था
32. विष्णुप्रसादचौधरी, वाणिज्य तथा आपूर्ति
33. सूर्यमान दोङ, ऊर्जा  
34. लीला भण्डारी, शिक्षा
35. गोपी आछामी, युवा तथा खेलकुद
36. घनश्याम यादव, स्थानीय विकास  
37. ज्वालाकुमारी साह, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन
38. सुषमा शर्मा, सङ्घीय मामिला, संविसंसदीय व्यवस्था तथा संस्कृति
39. हरिराज लिम्वु, अर्थ
40. सुनिताकुमारी महतो, सामान्य प्रशासन
41. भीमराज चौधरी राजबंशी, गृह
42. लक्ष्मण महतो, वन तथा भू–संरक्षण
43. दुर्गादेवी महतो (धानुक), वातावरण  
44. काशीदेवी झा, कानुन तथा न्याय
45. ईश्वर दयाल मिश्र, भौतिक योजना तथा निर्माण
46. अरविन्द साह, महिला, बालबालिका तथा समाज कल्याण  
47. रमणीराम, सिँचाई
48. सुरीताकुमारी साह, सूचना तथा सञ्चार
49, ओमप्रकाश यादव, कृषि तथा सहकारी

Last updated: March 29, 2012

मन्त्रिपरिषद् गठन मितिः २०६८/५/१२, ५/१८, ५/२९ ,६/१ र ७/२२

सम्माननीय प्रधानमन्त्री

1 डा. बाबुराम भट्टराई, प्रधानमन्त्री

उपप्रधानमन्त्रीहरू

2 श्री विजयकुमार गच्छदार, गृह र रक्षा
3 श्री नारायणकाजी श्रेष्ठ, परराष्ट्र

मन्त्रीहरू

4. श्री जयप्रकाश प्रसाद गुप्ता, सूचना तथा सञ्चार
5. श्री हृदयेश त्रिपाठी, भौतिक योजना तथा निर्माण
6. श्री पोष्टबहादुर बोगटी, ऊर्जा
7. श्री टोपबहादुर रायमाझी, स्थानीय विकास
8. श्री राजेन्द्र महतो, स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
9. श्री वर्षमान पुन मगर, अर्थ
10. श्री दीनानाथ शर्मा, शिक्षा
11. श्री महेन्द्रप्रसाद यादव, सिंचाई
12. श्री लोकेन्द्र विष्ट मगर, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन
13. श्री गोपाल किराँती, सङ्घीय मामिला, संविधानसभा, संसदीय व्यवस्था तथा संस्कृति
14. श्री लेखराज भट्ट, वाणिज्य तथा आपूर्ति
15. श्री भीमप्रसाद गौतम, भूमिसुधार तथा व्य.
16. श्री रामकुमार यादव, सामान्य प्रशासन
17. श्री अनिलकुमार झा, उद्योग
18. श्री वृजेशकुमार गुप्ता, कानुन तथा न्याय
19. श्री हेमराज तातेड, वातावरण
20. श्री नन्दन कुमार दत्त, कृषि तथा सहकारी
21. श्री कमला रोका मगर, युवा तथा खेलकुद
22. श्री राजलाल यादव, कार्यभार पछि तोकिने
23. श्री मुहम्मद वकिल मुसलमान, वन तथा भू-संरक्षण
24. श्री दानबहादुर कुर्मी चौधरी, महिला, बालबालिका तथा समाजकल्याण
25. श्री सरिता गिरी, श्रम तथा यातायात व्यवस्था
26. श्री कल्पना धमला, विज्ञान तथा प्रविधि
27. श्री सत्य पहाडी, शान्ति तथा पुनर्निर्माण

राज्यमन्त्रीहरू

28. श्री खोभारी राय, उद्योग
29. श्री रामबच्चन अहिर (यादव), रक्षा
30. श्री सरोजकुमार यादव, स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या
31. श्री दिलीप महर्जन, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन
32. श्री विष्णुप्रसादचौधरी, वाणिज्य तथा आपूर्ति
33. श्री सूर्यमान दोङ, ऊर्जा  
34. श्री लीला भण्डारी, शिक्षा
35. श्री गोपी आछामी, युवा तथा खेलकुद
36. श्री घनश्याम यादव, स्थानीय विकास  
37. श्री ज्वाला साह, भूमिसुधार तथा व्य.
38. श्री सुषमा शर्मा, सङ्घीय मामिला, संविसंसदीय व्यवस्था तथा संस्कृति
39. श्री हरिराज लिम्वु, अर्थ
40. श्री सुनिताकुमारी महतो, सामान्य प्रशासन
41. श्री भीमराज चौधरी राजबंशी, गृह
42. श्री लक्ष्मण महतो, वन तथा भू–संरक्षण
43. श्री दुर्गादेवी महतो (धानुक), वातावरण  
44. श्रीमती काशी देवी झा, कानुन तथा न्याय
45. श्री ईश्वर दयाल मिश्र, भौतिक योजना तथा निर्माण
46. श्री अरविन्द साह, महिला, बालबालिका तथा समाज कल्याण  
47. श्री रमणीराम, सिँचाई
48. श्री सुरीताकुमारी साह, सूचना तथा सञ्चार
49, श्री ओमप्रकाश यादव, कृषि तथा सहकारी

Rt. Hon’ble Prime Minister

1. Mr. Baburam Bhattarai, Tourism and Civil Aviation

Hon’ble Deputy Prime Minister

2. Mr. Bijaya Kumar Gachchhadar, Home Affair
3. Mr. Narayan Kaji Shrestha, Foreign

Hon’ble Ministers

4. Mr. Jaya Prakash Prasad Gupta, Information and Communications
5. Mr. Hridayesh Tripathi, Physical Planning and Works
6. Mr. Posta Bahadur Bogati, Energy
7. Mr. Top Bahadur Rayamajhi, Local Development
8. Mr. Rajendra Mahato, Health and Population
9. Mr. Barsha Man Pun Magar, Finance
10. Mr. Dinanath Sharma, Education
11. Mr. Mahendra Prasad Yadav, Irrigation
12. Mr. Lokendra Bista Magar, Tourism and Civil Aviation
13. Mr. Gopal Kiranti, Federal Affairs, Constituent Assembly, Parliamentary Affairs and Culture
14. Mr. Lekh Raj Bhatta, Commerce and Supplies
15. Mr. Bhim Prasad Gautam, Land Reform and Management
16. Mr. Ram Kumar Yadav, General Administration
17. Mr. Anil Kumar Jha, Industry
18. Mr. Brijesh Kumar Gupta, Law and Justice
19. Mr. Hem Raj Tated, Environment
20. Mr. Nandan Kumar Datta, Agriculture and Cooperative
21. Ms. Kamala Roka Magar, Youth and Sports
22. Mr. Raj Lal Yadav
23. Mr. Mohammad Wakil Musalman, Forestand Soil conservation
24. Mr. Dan Bahadur Kurmi Chaudhari, Women, Children and Social Welfare
25. Ms. Sarita Giri, Labor and Transportation Management
26. Ms. Kalpana Dhamala, Science and Technology
27. Mr. Satya Pahadi, Peace and
28. Mr. Ram Bachchan Ahir (Yadav), Defense

Hon’ble State Minister

29. Mr. Khobhari Raya, Industry
30. Mr. Saroj Kumar Yadav, Health and Population
31. Mr. Dilip Maharjan, Tourism and Civil Aviation
32. Mr. Bishnu Prasad Chaudhari, Commerce and Supplies
33. Mr. Surya Man Dong, Energy
34. Mr. Lila Bhandari, Education
35. Mr. Gopi Achhamai, Youth and Sports
36. Mr. Ghana Shyam Yadav, Local Development
37. Mr. Jwala Saha, Land Reform and Management
38. Ms. Sushma Sharma, Federal Affairs, Constituent Assembly, Parliamentary Affairs and Culture
39. Mr. Hari Raj Limbhu, Finance
40. Ms. Sunita Kumari Mahato, General Administration
41. Mr. Bhim Raj Chaudhari Rajbanshi, Home Affair
42. Mr. Laxman Mahato, Forestand Soil conservation
43. Ms. Durga Devi Mahato, Environment
44. Ms. Kashi Devi Jha, Law and Justice
45. Mr. Iswar Dayal Mirsha, Physical Planning and Works
46. Mr. Arbinda Saha, Women, Children and Social Welfare
47. Mr. Ramani Ram, Irrigation
48. Ms. Surita Kumari Saha, Information and Communications
49. Mr. Om Prakash Yadav, Agriculture and Cooperative

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Sunday, 04 September 2011 13:35

माओवादीका ६, मधेसी मोर्चाका ७ मन्त्रीहरु नियुक्त

उपप्रधान तथा परराष्ट्र मन्त्रीमा माओवादी उपाध्यक्ष नारायणकाजी श्रेष्ठ 'प्रकाश'
काठमाडौं- एमाओवादीका ६ र संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाका ७ गरी १३ मन्त्रीहरु नियुक्त गरिएको छ।


प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराईले आइतबार साँझ राष्ट्रपति रामवरण यादवको उपस्थितिमा राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवासमा नयाँ मन्त्रीलाई पद तथा गोपनियताको शपथ ग्रहण गराएका हुन् ।

प्रधानमन्त्री डा. भट्टराईले एमाओवादी उपाध्यक्ष नारायणकाजी श्रेष्ठ 'प्रकाश'लाई उपप्रधान मन्त्री तथा परराष्ट्र मन्त्रीमा नियुक्त गरेकाछन्।

यस अघी प्रधानमन्त्री डा. भट्टराईले मधेसी मोर्चाका विजयकुमार गच्छदारलाई उपप्रधान मन्त्री एवं गृह मन्त्री नियुक्त गरिसकेका छन्।

एमाओवादीकातर्फबाट नियुक्त अन्य मन्त्रीहरुमा ऊर्जा मन्त्री पोष्टबहादुर बोगटी, स्थानीय विकाश मन्त्री टोपबहादुर रायमाझी, अर्थ मन्त्री वर्षमान पुन मगर, भूमिसुधार मन्त्री प्रभू शाह र युवा तथा खेलकुद मन्त्री कमला रोका छन्।

त्यसैगरी, मधेसी मोर्चाकातर्फबाट नियुक्त मन्त्रीहरुमा सूचना तथा सञ्चार मन्त्री जयप्रकाश प्रसाद गुप्ता, भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्री हृदयेष त्रिपाठी, सिँचाइ मन्त्री महेन्द्र राय यादव, कृषि नन्दनकुमार दत्त, स्वास्थ्य मन्त्री राजेन्द्र महतो, वन मन्त्री मो. वकील मुसलमान, र विना विभागीय मन्त्री राजलाल यादव छन् ।

-Deepak Thapa in Kathmandu

 

प्रधानमन्त्री बने एसएलसि बोर्ड फर्स्ट डा. बाबुराम भट्टराई, पौडेलको २३५ मतको बिरुद्द उनले पाए ३४० मत

 

Sunday, 28 August 2011 08:15

Updated: बिशेष समाचार र टिप्पणी: काठमाडौं- चुनावी र शैक्षिक प्रतिस्पर्धामा कहिल्यै दोश्रो नभएका एमाओवादी उपाध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टराई नेपाली कांग्रेसका संसदीय दलका नेता रामचन्द्र पौडेललाई पराजित गर्दै संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक नेपालको चौंथॊ तथा नेपालको ३५ औं प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित भएका छन् ।


पटक पटक प्रधानमन्त्रीको उम्मेदवार बनेको कांग्रेस नेता पौडेलले नेपालको इतिहासमा सबैभन्दा धेरै पराजित हुने नेताकोरुपमा आफ्नो रेकर्ड आफै तोडेका छन् ।

आइतबार अपरान्ह भएको मतदानमा एमाओवादी नेता भट्टराईले खसेका कूल ५७५ मत मध्ये ३ सय ४० मत प्राप्त गरे भने पौडेलको पक्षमा २ सय ३५ मत खस्यो । १८ औं पटक पराजित हुनु परेपनि पौडेलले यसअघि भन्दा झण्डै सय मत बढि मत चाहिँ प्राप्त गरेका छन् । उनलाई एमाले राजपा राजावादी दल राप्रपालगायत केही साना दलले मत दिएका थिए । भट्टराईलाई चाहिँ आफ्नो पार्टीका अलवा मधेशी मोर्चा, एमालेबाहेकका साना वाम र अन्य दलको मत परेको थियो ।

गोर्खाको खोप्लाङ गाबिस बेल्बासमा सन् १९५४ मे २६ मा जन्मिएका नब निर्बाचित प्रधानमन्त्री डा. भट्टराई गत सम्बिधान सभामा सबैभन्दा बढि (४६,२७२ मत) ल्याएर गोर्खा क्षेत्र नं. २ बाट विजयी भएका थिए । २०२६ को एसएलसी परीक्षामा बोर्ड फस्ट भएका डा. भट्टराई एमाओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल 'प्रचण्ड' को प्रधानमन्त्रीत्वकालमा सबैभन्दा सफल मन्त्री (अर्थ मन्त्री) को परिचय बनाएका थिए । क्याम्पस जीवनमा पनि उनी कहिल्यै दोश्रो हुनु परेन । अमृत साइन्स क्याम्पस काठमाडौंबाट आइएससिमा सर्बोत्क्रिस्ट (topper) हुन पुगेका उनले जवाहरलाल विश्व बिद्यालय, नयाँ दिल्ली, भारतबाट सन् १९८६ मा बिद्यावारीधी (पिएच्डी) गरेका थिए। सम्बिधान सभाको सफलतापछि यो उनको जीवनको दोश्रो महत्वपूर्ण जीत हो ।

 


Dr. Baburam Bhattarai. Photo archive: USNepalOnline

निर्णायक मानिएको संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चाको मत पाएपछि भट्टराईको जीत निश्चित भएको थियो । मोर्चाले यस पटक निकै रणनीतिक भूमिका खेलेको थियो एमाओवादी नेतृत्वमा सरकार बनाउन । मोर्चाभित्र माओवादीलाई सघाउने बिषयमा विवाद भएको देखाएर मोर्चाले भारतीय दवावलाई किनारा गराउँदै आइतबार विहानमात्र भट्टराईलाई मत दिने निर्णय गरेको थियो जसकाकारण भारतीय पक्षले एमाओवादीलाई सरकारको नेतृत्व नदिन कुनै योजना नै बनाउन पाएन ।

डा. भट्टराईको जीत निश्चित हुने भएपछि सभामुखले नेम्वाङ्गले निर्वाचन परिणाम घोषणा नगर्दै व्यवस्थापिका संसदको बैठक कक्षमा भट्टराई बधाई दिन सभासदहरु उठेका थिए । निर्वाचन परिणाम घोषणा नहुँदै बधाइकासाथ सभासदहरु उठ्न थालेपछि सभामुखले निर्वाचन परिणाम घोषणा नभएको बताउँदै सभासदहरुलाई परिणाम सुन्ने धैर्यता गर्न आग्रह गरेका थिए । वास्तवमा डा. भट्टराईको जीतको परिणाम सुन्न सारा नेपाल ब्यग्र बनेको थियो ।

Dr. Baburam Bhattarai at PLA camp in Saktikhor, Chitwan. Photos: Sitaram

माओवादी नेतृत्वमा सरकार बनाउने भित्री सहमति २-३ दिन अघि नै मोर्चा र एमाओवादीबीच भएपनि आइतबार विहानमात्र औपचारिकताकालागि एमाओवादी र मोर्चाबीच चार बुँदे सहमति भएको थियो जसमा मोर्चाले उठाएका माग पुरा गर्ने लगायत एमाओवादीले शान्ति प्रकृया र सम्बिधान निर्माणकालागि अघि सारेको प्रतिबद्धता पत्रलाई केही परिमार्जन गर्ने विषय छन् । डा. भट्टराईलाई जिताउन भएको दुई पक्षबीचको सहमति निम्न बमोजिम छन् ।

शान्ति, संविधान र संयुक्त सरकार संचालनकालागि एकीकृत नेकपा माओवादी र संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाबीच मुख्य तथा आधारभूत विषयहरुमा भएको सहमति:

संविधान सभा व्यवस्थापिका संसदमा नयाँ प्रधानमन्त्रीको चयनकालागि मिति २०६९ भाद्र ११ गते हुने निर्वाचनमा संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसि मोर्चाका सम्बद्ध दलहरुले एकीकृत नेकपा माओवादीकातर्फबाट उम्मेद्वार रहनु भएका माननीय डा. बाबुराम भट्टराईको पक्षमा मतदान गर्ने निर्णय गरेकोमा माओवादी पार्टीले यसलाई हार्दिकताकासाथ स्वागत गरेको छ।

मुलुकको विद्यमान सबैभन्दा मुख्य विषय नै शान्ति प्रक्रियालाई विस्तृत शान्ति सम्झौताको मर्मअनुसार सार्थक निष्कर्षमा पुर्‍याउनु र राष्ट्रिय सहमतिका आधारमा राज्यको रुपान्तरणसहितको संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक नेपालको संविधान, संविधान सभाबाटै निर्माण गर्नु रहेकोमा हामी दुवै पक्षबीच सहमति कायम भएको छ।

१. माओवादी सेनाका लडाकूहरुको समायोजन र पुनर्स्थापनाबारे

नयाँ सरकारको प्रथम कार्यभार शान्ति प्रक्रिया पूरा गर्नु र नयाँ संविधान निर्माण गर्नु हो। यस सन्दर्भमा मिति २०६८ भाद्र ८ गते एकीकृत नेकपा माओवादीकातर्फबाट जारी प्रस्ताव एवम् प्रतिबद्धतामा सकारात्मक रुपमा परिमार्जन गरिनेछ। यसबारे हाल राजनीतिक सहमति हुन नसकेको मुख्य विषयहरु

१) निश्चित इकाइमा समायोजन गर्ने भनिएको २) कुन तहसम्मका लडाकू कमाण्डरहरुको समायोजन हुने, ३) समायोजन हुने यस्ता सम्भाव्य कमाण्डहरुको समायोजित हुने निकायमा तह निर्धारण ४) समायोजित हुने लडाकूहरुको संख्यालाई ७ हजारसम्म निर्धारण गर्न प्रयत्न गर्ने; ५) समायोजित सेनाको जिम्मेवारी निर्धारण ६) पुनर्स्थापनाका प्याकेज र ७) वर्गीकरण पश्चात लडाकू, हतियार र कन्टेनरको हस्तान्तरण जस्ता विषयहरुलाई थप स्पष्ट गरि आवश्यक परिमार्जन गरिनेछ। माओवादी सेनाका लडाकूहरुको समायोजन सम्बन्धी सबै निर्णयहरु संविधानमा व्यवस्था भएको विशेष समितिबाट नै गरिनेछ।

२) शान्ति प्रक्रियाका बाँकि कामहरुबारे

यस सन्दर्भमा मिति २०६८ भाद्र ८ गते एकीकृत नेकपा माओवादीका तर्फबाट जारी प्रस्ताव एवं प्रतिबद्धतामा उल्लेखित कार्यभारहरु सम्पादन गर्ने सन्दर्भमा कुनै पनि रुपमा कसैलाई पनि उसको कानुन अनुसार स्वामित्वको सम्पत्तिबाट बेदखल गरिने छैन। माओवादी युद्धकाल, जनआन्दोलन, मधेस आन्दोलन, जनजाति आन्दोलन, थारुहट आन्दोलन, दलित आन्दोलन, पिछडा वर्ग आन्दोलन र अन्य समुदायद्वारा न्यायोचित मागका लागि भएका आन्दोलनहरुका दौरान राज्यद्वारा पीडित भएकाहरुलाई विशेष राहतको व्यवस्था गर्ने ।
माओवादी युद्धकाल, युद्धकाल, मधेस आन्दोलन, जनजाति आन्दोलन, थारुहट आन्दोलन, दलित आन्दोलन, पिछडा वर्ग आन्दोलन र अन्य समुदायद्वारा न्यायोचित मागका लागि भएका आन्दोलनहरुका दौरान लगाइएका मुद्दाहरु समेतलाई खारेज गर्ने माफी दिने प्रक्रिया थालिने छ।

३) संविधानबारे

यस सन्दर्भमा मिति २०६८ भाद्र ८ गते एकीकृत नेकपा माओवादीका तर्फबाट जारी प्रस्ताव एवम् प्रतिबद्धतामा उल्लेखित कार्यभारहरु सम्पादन गर्ने र नयाँ संविधानमा लोकतन्त्रको विश्वव्यापी मान्यता अनुरुप आधारभूत मानव अधिकार, जनतामा निहीत सार्वभौमसत्ता र राजकीय सत्ता, संवेधानिक सर्वोच्चता, विधिको शानस, प्रेस स्वतन्त्रता, स्वतन्त्र र उत्तरदायी न्यायपालिका, समावेशी लोकतन्त्रिक गणतन्त्र, स्वायत्त प्रदेश र आत्मनिर्णयको अधिकार सहितको संघीय शासन प्रणाली, नागरिक सर्वोच्चता तथा प्रतिस्पर्धातम्क बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली, आवधिक निर्वाचन, सामाजिक न्याय, राष्ट्रिय एकता र अखण्डताको रषा तथा मुलुकको एकात्मवादी राज्यव्यवस्थामा अग्रगामी परिवर्तन जस्ता विषयहरुलाई संविधानको आधारभूत संरचनाको रुपमा राखिनेछ। संविधान सभामा राज्यको पुनर्संचना समितिद्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत भै संविधान सभाको क्षेत्राधिकारभित्र प्रवेश भैसकेको विषयमा अब अन्तरिम संविधानमा व्यवस्था रहेको राज्य पुनर्संचना आयवग गठनको औचित्य छैन। तर राजनीतिक पक्षहरुको सहमतिमा निकासका अन्य मार्गहरु खोजिने कुरामा हाम्रो सहमति छ।

४) साझा सहमतिका अन्य महत्वपूर्ण विषयहरु

४:१ सार्वजनिक सेवालाई समावेशीकरण गर्न यस अघिको विधेयकलाई मधेसी, जनजाति, थारु, मुसलमान, दलित, महिला र अन्य हकदार समुदायहरुको मागलाई ध्यानमा राखी परिमार्जन गरिनेछ। यसरी परिमार्जित विधेयकलाई सरकारद्वारा १५ दिनभित्र संविधानसभा प्रस्तुत गरिनेछ।

४:२ नेपालको अन्तरिम संविधान, २०६३ को भाग २० मा उल्लेखित व्यवस्था र नेपाल सरकार तथा संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाका बीच भएको आठ सूत्रीय सम्झौता अनुसार नेपाली सेनाको लोकतान्त्रिक संरचना र राष्ट्रिय र समावेशी चरित्र निर्माण गर्ने विषयमा प्रतिबद्ध छौं। यसका लागि नेपाली सेनामा अलग इकाइको रुपमा मधेसी समुदायको पहिचान स्थापित गर्दै १० हजारको संख्याबाट भर्ना माग गरिएको सन्दर्भमा हाल निश्चित संख्याको भर्नाबाट समावेशीकरणको तत्काल प्रक्रिया थालिनेछ।

४:३ लामो समयदेखि रिक्त रहेको विभिन्न संवैधानिक र कुटनीतिक तथा जनआवश्यकताका अन्य महत्वपूर्ण पदहरु तत्काल पूर्ति गरिनेछ। यस सम्बन्धमा नेपाल सरकारले सरकार गठनको १५ दिनभित्र विधिवत् प्रस्ताव सम्बन्धित निकायमा निर्णयका लागि पेश गर्नेछ।

४:४ चालू आर्थिक वर्षको बजेटलाई परिमार्जन गरिनेछ। यस सन्दर्भमा बजेट सुधारका लागि तत्कालीन सरकारले व्यक्त गरेको बचनबद्धता र संसदमा उठेका मधेसी दलहरुका मागहरुलाई ध्यान दिइनेछ।

४:५ नेपालका दुवै छिमेकीभित्र राष्ट्रहरुसँगको सम्बन्ध सुधारमा उच्च प्राथमिकता दिइनेछ । नेपाल र सम्बन्धित मित्र राष्ट्रहरुसँगको दुई पक्षीय सम्मान र हितलाई ध्यानमा राखेर सहमति हुन नसकेका विषयमा सहमित गरिनेछ।

४:६ तराई मधेशको सुरक्षा अवस्थामा सुधारका लागि जनउत्तरदायी सुरक्षा कार्यक्रम ल्याइनेछ । हात हतियार सम्बन्धी ऐनमा परिमार्जन गरी अर्धन्यायिक निकायबाट हुने कानुनको दुरुपयोगलाई रोकिने छ।

४:७ राष्ट्रिय पोशाकका सम्बन्धमा हाल उत्पन्न विवादलाई समाप्त गर्न मधेसी, आदिवासी जनजाति, थारु, मुसलमान लगायतका समुदायहरुको भावनाको विपरित यस अघिका सरकारबाट भएको त्रुटिपूर्ण निर्णयलाई रद्द गरिनेछ।

४:८ नेपाली जनता अहिले जनजीविकाका समस्याबाट आक्रान्त छन्। यसबाट जनतालाई राहत दिन नयाँ गठन हुने सरकार, तत्काल नै प्रभावकारी, जनकल्याणकारी विशेष जनता राहत कार्यक्रम ल्याउने विषयमा प्रतिबद्ध छ।

अन्त्यमा मिति २०६८ भाद्र ८ गते एकीकृत नेकपा माओवादीका तर्फबाट जारी प्रस्ताव एवं प्रतिबद्धता अनुसारका अन्य विषयहरुको कार्यान्वयन उदाहरणीय रुपमा तथा आमअपेक्षा अनुसार गरिनेछ। एकीकृत नेकपा मा‌ओवादी र संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाका सम्बद्ध दलहरुको नयाँ गठन हुने सरकारले स्वीकारेका प्रतिबद्धताहरु स्वीकारिएकै समयावधिमा सम्पन्न गरेर उक्त सरकारमा नै अन्य मुख्य राजनीतिक पार्टीहरुलाई सरिक गराउँदै शान्ति तथा संविधान हासिल गरी राष्ट्रलाई नयाँ संविधान अनुसारको सरकार हस्तान्तरण गर्ने ऐतिहासिक दायित्व पूरा गर्नसक्ने विश्वास लिएका छौं।

पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड
अध्यक्ष
एकीकृत नेकपा माओवादी

संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाबाट

विजयकुमार गच्छदार
अध्यक्ष
मधेसी जनअधिकार फोरम लोकतान्त्रिक

महन्थ ठाकुर
अध्यक्ष
तराई मधेस लोकतान्त्रिक पार्टी

राजेन्द्र महतो
अध्यक्ष
नेपाल सदभावना पार्टी

जयप्रकाश प्रसाद गुप्ता
अध्यक्ष
मधेसी जनअधिकार फोरम गणतान्त्रिक

महेन्द्र प्रसाद यादव
अध्यक्ष
तराई मधेस लोकतान्त्रिक पार्टी नेपाल

मितिः २०६८ भाद्र ११ गते

-Sitaram Baral in Kathmandu

 

Outgoing Cabinet of Prime Minister Jhalanath Khanal as of August 27, 2011:

प्रधानमन्त्री :

झलनाथ खनाल

उपप्रधान मन्त्रीहरु :

नारायणकाजी श्रेष्ठ (प्रकाश), गृह मन्त्री
उपेन्द्र महतो, बिदेश मन्त्री
भरतमोहन अधिकारी, अर्थमन्त्री

मन्त्रीहरु :

बिजयकुमार यादव, बाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्री
पोष्टबहादुर बोगटी, सन्चार मन्त्री
लोकेन्द्र बिष्ट मगर, स्वास्थ्य मन्त्री
पम्फा भूषाल, शान्ति तथा पुनर्निर्माण मन्त्री
लेखराज भट्ट, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री
हिसिला यमी, भूमिसुधार मन्त्री
ओनसरी घर्ति मगर, युवा तथा खेलकूद मन्त्री
जयपुरी घर्ति मगर, महिला तथा बालबालिका मन्त्री
महेन्द्र पासवान, उद्योग मन्त्रीअग्नि सापकोटा, सन्चार मन्त्री
विश्वनाथ शाह, शान्ति तथा पुनर्निर्माण मन्त्री

शक्ति बस्नेत, स्वास्थ्य मन्त्री
जयपुरी घर्तीमगर, महिला तथा बालबालिका मन्त्री
रामचन्द्र चौधरी, भूमिसुधार मन्त्री
प्रभु शाह, कानून मन्त्री
हितबहादुर तामाङ्ग, युवा तथा खेलकूद मन्त्री
महेन्द्र पासवा, उद्योग मन्त्री
घनश्याम भुसाल, बिना बिभागीय मन्त्री
हरिनारायण चौधरी, कृषि तथा सहकारी मन्त्री
मोहम्मद इस्तियाक राय, श्रम तथा यातायात मन्त्री
सुनिल मानन्धर, बातावरणमन्त्री
खगेन्द्र प्रसाइ, संस्क्रिती मन्त्री
टोपबहादुर रायमाझी, भौतिक योजना तथा निर्माण
खड्कबहादुर विश्वकर्मा, पर्यटन
विष्णु पौडेल, रक्षा मन्त्री
गंगालाल तुलाधर, विना विभागीय तथा सरकारका प्रबक्ता
उर्मिला अर्याल, स्थानीय मन्त्री
भानुभक्त जैसी, बन तथा भू संरक्षण मन्त्री
रघुबीर महासेठ, सिंचाइ मन्त्री
युबराज कार्की, सामान्य प्रशासन मन्त्री
गोकर्ण बिष्ट, उर्जा मन्त्री

राज्य मन्त्रीहरु :

धर्मशिला चापागाइ, सन्चार राज्यमन्त्री
देवी खड्का, भौतिक योजना तथा निर्माण राज्यमन्त्री
हकिकुल्लाह खाँ, भूमि सुधार राज्यमन्त्री
ध्रुबकुमार आङ्गदम्बे लिम्बु, पर्यटन राज्यमन्त्री
नन्दन कुमार दत्त, कृषि तथा सहकारी राज्यमन्त्री
रामजी शर्मा, उर्जा राज्य मन्त्री
शत्रुघ्न महतो, स्थानीय बिकास राज्य मन्त्री
दलबहादुर सुनार, सिंचाइ राज्य मन्त्री
डम्बर साम्बाहाम्फे, सामान्य प्रशासन राज्य मन्त्री
भगवती चौधरी, बन तथा भू-संरक्षण राज्य मन्त्री
डा. ल्हार्क्याल लामा, अर्थ राज्य मन्त्री
राधा ज्ञावली, शिक्षा राज्य मन्त्री

 

 

मन्त्रिमन्डल बिस्तार, माओवादीमा रडाको, शान्ती मन्त्रीद्वारा राजिनामा किन दिइयो? PDF Print E-mail

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Written by Sitaram Baral
Wednesday, 04 May 2011 12:20

Updated: काठमाडौँ- गृह मन्त्रालयको विषयमा नेकपा (एमाले) भन्दा एनेकपा (माओवादी) भित्र ठूलो विवाद देखिएको छ । एमाओवादीलाई गृह दिने नदिने विवाद एमालेभित्र रहेका बेला गृह मन्त्रीको आकांक्षी एमाओवादी नेता बर्षमान पुन मगरले गृह मन्त्रालय नपाएपछि शान्ति मन्त्रीको पदबाट राजिनामा दिएका छन् ।


गृह मन्त्री विवादकै कारण देव गुरुङ्गले मन्त्री बन्न अस्वीकार गरेका छन् ।

तीन महिनाभन्दा लामो प्रतीक्षापछि एमाओवादीले गृह मन्त्रालयको जिम्मा पाएको हो । यसअघिसम्म सूचना तथा सन्चारमन्त्रीको जिम्मेवारी सम्हालिरहेका माओवादी स्थायी समिति सदस्य कृष्णबहादुर महरालाई गृह मन्त्रालयको जिम्मेवारी दिइएपछि शान्ति मन्त्री बर्षमान पुन (अनन्त) ले राजिनामा दिएका हुन् ।

एमाओवादी श्रोतकाअनुसार, गृह मन्त्रीका अर्का आकांक्षी देव गुरुङ्गपनि पार्टी निर्णयबाट असन्तुष्ट बनेका छन् । मोहन बैद्य (किरण) पक्षीय गुरुङ्गलाई महराले गृह मन्त्रालय पाएपछि सूचना तथा सन्चार मन्त्रालयको जिम्मेवारी दिन लागिएको थियो । तर गृहबाहेकमा मन्त्रालयमा नजाने अडान गुरुङ्गले लिएपछि उनी यसपटक मन्त्री बन्नेको सूचिमा परेनन् ।

महराले सम्हालेको सन्चार मन्त्रालयको जिम्मेवारी एमाओवादी पोलिटव्यूरो सदस्य अग्नि सापकोटाले पाएका छन् । उनी एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड निकटका नेता हुन् । पुनले राजिनामा दिएपछि खालि भएको शान्ति मन्त्रालयको जिम्मा पोलिटव्यूरो सदस्य विश्वनाथ शाहले पाएका छन् । उनी पूर्व एकता केन्द्र-मसालका नेता हुन् । एकता केन्द्र-मसाल एकता प्रकृयाबाट एमाओवादीमा आएको हो ।

एमाओवादीबाट सरकारमा जाने अन्य नेतामा स्वास्थ्य- शक्ति बस्नेत, महिला तथा बालबालिका- जयपुरी घर्तीमगर, भूमिसुधार- रामचन्द्र चौधरी, कानून-प्रभु शाह, युवा तथा खेलकूद- हितबहादुर तामाङ्ग र उद्योगमा महेन्द्र पासवान छन् । राज्यमन्त्रीमा धर्मशिला चापागाइ, देवी खड्का, हकिकुल्लाह खाँ, ध्रुब आङ्गदम्बे छन् ।

एमाओवादीलाई गृह मन्त्रालय दिन नहुनेमा एमालेभित्रको विवाद अझै जारी छ । एमालेको माधब नेपाल-केपी ओली समूहले माओवादीलाई गृह मन्त्रालय दिन नहुने अडान लिँदै आएको छ, जसका कारण अहिलेसम्म मन्त्री परिषदको विस्तार हुन सकेको थिएन । एमाओवादीलाई गृह दिएपछि नेपाल-ओलीको प्रतिकृया आएको छैन ।

तर अनन्तको राजिनामाले गृह एमाओवादीलाई दिने कुराले एमालेभित्र सिर्जना हुने विवाद र समस्यालाई ओझेलमा पारिदिने देखिएको छ । मन्त्री मण्डल विस्तारमा सबैजसो अध्यक्ष प्रचण्ड र उपाध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टराई पक्षीय नेताहरु परेका छन् । यसले गर्दा बर्तमान सरकारलाई बरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन बैद्य 'किरण' पक्षले असहयोग गर्ने सम्भावना प्रवल देखिएको छ ।

यसैबीच, बैद्य पक्षबाट मन्त्रीको सूचीमा परेकी जयपुरी घर्तिमगरले शपथ लिन अस्वीकार गरेकी छन् । बैद्य पक्षकै रामचन्द्र चौधरीलेपनि बुधबारको शपथमा भाग लिएनन् । घर्तिले मन्त्री मण्डलमा ३३ प्रतिसत महिला नभएको भन्दै शपथ नलिएकी भएपनि बैद्य पक्षीय नेताहरु मन्त्री मण्डलमा कम परेको तथा गुरुङ्गलाई गृह मन्त्री नदिएकोमा असन्तुष्टिस्वरुप शपथ नलिएको अनुमान गरिएको छ ।

नब नियुक्त उपप्रधानमन्त्री, मन्त्री, राज्य मन्त्रीहरुको सूची:

कृष्णबहादुर महरा, गृह मन्त्री तथा उपप्रधान मन्त्री
उपेन्द्र महतो, बिदेश मन्त्री तथा उपप्रधान मन्त्री

मन्त्रीहरु:

अग्नि सापकोटा, सन्चार मन्त्री
विश्वनाथ शाह, शान्ति मन्त्री
शक्ति बस्नेत, स्वास्थ्य मन्त्री
जयपुरी घर्तीमगर, महिला तथा बालबालिका मन्त्री
रामचन्द्र चौधरी, भूमिसुधार मन्त्री
प्रभु शाह, कानून मन्त्री
हितबहादुर तामाङ्ग, युवा तथा खेलकूद मन्त्री
महेन्द्र पासवा, उद्योग मन्त्री
घनश्याम भुसाल, बिना बिभागीय मन्त्री
हरिनारायण चौधरी, कृषि तथा सहकारी मन्त्री
मोहम्मद इस्तियाक राय, श्रम तथा यातायात मन्त्री
सुनिल मानन्धर, बातावरणमन्त्री
खगेन्द्र प्रसाइ, संस्क्रिती मन्त्री

राज्य मन्त्रीहरु:

धर्मशिला चापागाइ, सन्चार राज्यमन्त्री
देवी खड्का, भौतिक योजना तथा निर्माण राज्यमन्त्री
हकिकुल्लाह खाँ, भूमि सुधार राज्यमन्त्री
ध्रुबकुमार आङ्गदम्बे लिम्बु, पर्यटन राज्यमन्त्री
नन्दन कुमार दत्त, कृषि तथा सहकारी राज्यमन्त्री

-Sitaram Baral in Kathmandu

प्रम खनालपछि बरिष्ठ उपप्रधानमन्त्री माओवादीका नेता महरा

Friday, 04 March 2011 10:13: काठमाडौं- प्रधानमन्त्री पछिको बरिष्ठ उपप्रधानमन्त्रीपनि आफ्नै पार्टीको बनाउने योजनाअनुसार भरतमोहन अधिकारलाई सरकारमा पठाउने निर्णय एमालेले गरेपनि अन्तत: प्रमपछिको बरिष्ठ उपप्रधानमन्त्रीको जिम्मेवारी सबैभन्दा ठूलो सत्तारुढ दल एकिकृत नेकपा (माओवादी) ले नै पाएको छ ।

एमाओवादीका स्थायी समिति सदस्य कृष्णबहादुर महरा एमाओवादीकोतर्फबाट पहिलो उपप्रधानमन्त्री बन्ने नेता बन्न सफल भएका छन् । उनीसहित माओवादीका ४ जना मन्त्रीलाई प्रधानमन्त्री झलनाथ खनालले शुक्रबार अपरान्ह राष्ट्रपति कार्यालयमा शपथ ग्रहण गराएका छन् ।

महरासँगै शपथ ग्रहण गनेमा एमाओवादीका नेताहरु बर्षमान पुन मगर (अनन्त), टोपबहादुर रायमाझी र खड्कबहादुर विश्वकर्मा छन् । यसमध्ये महराले सूचना तथा सन्चार, अनन्तले शान्ति तथा पुनर्निर्माण, रायमाझीले भौतिक योजना तथा निर्माण र विश्वकर्माले पर्यटन मन्त्रालयको जिम्मेवारी पाएका छन् । यसअघि अनन्तको नाम गृहमन्त्रीको रुपमा चर्चामा आएपनि गृह कसलाई दिने भन्ने बारेमा एमाओवादीभित्रै विवाद सिर्जना भएपछि अनन्तलाई महत्वपूर्ण मानिनेमध्येको शान्ति मन्त्रालयको जिम्मेवारी दिइएको छ ।

एमालेभित्रको अनुदारवादी खेमाका कारण तत्काल एमाओवादीले गृह नपाएपनि समायोजित र पुनस्र्थापित हुने लडाकूहरुलाई बर्गीकरण गरी छुट्टाछुट्टै क्याम्पमा राखेपछि एमाओवादीलाई नै दिने सहमति अनुरुप गृह मन्त्रालय तत्कालकालागि प्रधानमन्त्री खनालले नै राखेका छन् । अनन्तभन्दा बरिष्ठ नेता भएका कारण देव गुरुङ्गलाई गृहमा पठाउनुपर्ने मोहन बैद्य (किरण) पक्षको मागपछि नयाँ गृहमन्त्री गुरुङ्ग बन्ने सम्भावना देखिएको छ । एमाओवादीले यसअघि नै गुरुङ्ग र गिरिराजमणि पोखरेललाई सरकारमा पठाउने निर्णय गरिसकेको छ ।

बर्तमान सरकारमा महरा अब प्रधानमन्त्री खनालपछिका बरिष्ठ उपप्रधामन्त्री भएका छन् । एमाले स्थायी समितिले चाहिँ खनालपछिका बरिष्ठ उपप्रधानमन्त्री हुने गरी भरतमोहन अधिकारीलाई चयन गरेको थियो । अधिकारी यसअघिका सरकारमा पटक-पटक प्रम पछिका बरिष्ठ उपप्रधानमन्त्री हुँदै आएका थिए । पहिलो पटक अधिकारी बरिष्ठतामा तेश्रो पंक्तिमा पुगेका छन् । अधिकारी बर्तमान सरकारका सबैभन्दा पाका नेता र अनुभवी मन्त्री हुन् । सरकारका सम्बन्धमा महरापनि एमाओवादीका सबैभन्दा अनुभवी नेता मानिन्छन् ।

एमाओवादीकोतर्फबाट महरा पहिलो उपप्रधानमन्त्री हुने नेता बन्न सफल भएका छन् । यसअघि सरकारको नेतृत्व गरेका बेला पार्टी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल (प्रचण्ड) प्रधानमन्त्री भएपनि एमाओवादीकोतर्फबाट उपप्रधानमन्त्री राखिएको थिएन । एमाले उपाध्यक्ष बामदेब गौतमलाई प्रम पछिका बरिष्ट मन्त्रीका रुपमा उपप्रधानमन्त्रीको जिम्मेवारी दिइएको थियो । एमाओवादीका बरिष्ठ नेता डा. बाबुराम भट्टराई अर्थ मन्त्री बनेका थिए । एमाओवादीले हरेक पटक सरकारमा जाँदा महरालाई पठाउने गरेको छ । युद्धकालमा पनि उनले वार्ता समिति संयोजक तथा सदस्यको जिम्मेवारी पाएका थिए ।

-Sitaram Baral in Kathmandu



मन्त्रीनै नभा" को मुलुकमा बिना बिभागीय मन्त्रीको शपथ

Thursday, 10 February 2011 10:30: काठमाडौं- राष्ट्रिय सहमतिको आव्हान गरेपनि आफैलाई प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित गर्न निर्णायक भूमिका खेलेको सम्बिधान सभाको सबैभन्दा ठूलो दल एकिकृत नेकपा माओवादीको सहमति विना प्रधानमन्त्री झलनाथ खनालले एमालेका तीन मन्त्रीहरुलाई विहीबार माघ २७ गते राष्ट्रपति डा. रामवरण यादवको समुपस्थितिमा सपथ ग्रहण गराएका छन् ।

सपथ ग्रहण कार्यक्रममा उपराष्ट्रपति परमानन्द झा, संविधान सभाका अध्यक्ष सुवास नेम्वाङ, संवैधानिक निकायका प्रमुखलगायतको उपस्थिति थियो ।

पहिलो चरणको मन्त्री मण्डल विस्तारमा परी मन्त्री हुनेहरुमा एमालेका भरतमोहन अधिकारी, विष्णु पौडेल र गंगालाल तुलाधर छन् । उनीहरुलाई विना विभागीय मन्त्रीको रुपमा शपथ ग्रहण गराइएको हो । अधिकारी र तुलाधर दुबै संविधान सभामा जनताले हराएका नेता हुन् । अधिकारीलाई चाहिँ प्रधानमन्त्री खनालले उपप्रधानमन्त्रीको रुपमा शपथ खुवाएका थिए । उनलाई अर्थ मन्त्रालयको जिम्मेवारी दिने निर्णय उनले गरेका छन् । एमालेले अधिकारीलाई अर्थ, पौडेललाई गृह र तुलाधरलाई शिक्षा मन्त्रालयको जिम्मेवारी दिने निर्णय गरेको थियो ।

सात बुँदे सहमतिअनुसार एमाओवादीले गृह मन्त्रालयमा आफ्नो अडान नछाडेपछि एक हप्तादेखि हुँदै आएका वार्ताहरु उपलब्धिहीन भएका थिए । एमाओवादीको समर्थनमा प्रधानमन्त्री बनेका खनालको पार्टीले पूर्व सहमति विपरित गृह र रक्षाजस्ता दुवै मन्त्रालय दावी गरेपछि समस्या देखिएको हो । सात बुँदे सहमतिमा चाहिँ यी दुई मन्त्रालय बाँडफाँड गर्ने कुरा स्पष्ट रुपमा उल्लेख छ । यसैअनुसार गृह एमाओवादी र रक्षा एमालेले लिने सहमतिपनि दुई दल बीच भएको थियो ।

३ सय ६८ मत पाएर प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित भएका एमाले अध्यक्ष खनालले सबैभन्दा ठूलो र प्रमुख सत्ता साझेदार दलसँग आफैले गरेको सहमतिअनुसार काम गरी मन्त्री मण्डलको विस्तार गर्न नसकेपछि उनको सरकार गम्भीर संकटमा फसेको छ । पार्टीभित्रै उनी कमजोर स्थितिमा रहेका बेला आफ्नो नेतृत्वमा सरकार बनाउन सहयोग गर्ने दललाईसमेत चिढ्याएपछि उनको सरकारको दिनगन्ती सुरु भएको छ । अध्यादेशबाट ल्याएको बजेटको म्याद समाप्त हुन लागेकाले उनको सरकारले अर्को बजेट तत्काल बजेट ल्याउनुपर्ने स्थिति छ ।

सात बुँदे सहमतिअनुसार प्रधानमन्त्री खनालले माओवादीलाई विश्वासमा लिन सकेनन्  भने बजेटकै क्रममा उनको सरकार ढल्ने सम्भावना देखिएको छ । किनकी प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेसले उनले ल्याएको बजेटमा मतदान गर्ने सम्भावना देखिन्न । यो स्थितिमा बजेट पारित हुन एमाओवादीकै समर्थन आवस्यक पर्नेछ । तर यही स्थितिमा एमाओवादीले बजेटमा मतदान गर्ने देखिन्न । बजेटमा बहुमत सभासदहरुको समर्थन हासिल गर्न सकेनन् भने उनको सरकार अल्पमतमा पर्नेछ । र, उनले राजिनामा दिने स्थिति आउनेछ ।

-Sitaram Baral & Santa Bagam in Kathmandu

 

'नयाँ बन्न लागेको सरकारलाई वामपन्थी गठबन्धनको रुपमा नलिइदिन मेरो अनुरोध छ'- नव निर्वाचित प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल

Friday, 04 February 2011 10:18

काठमाडौं- एमाओवादीको समर्थनमा प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित भएका नेकपा एमालेका अध्यक्ष झलनाथ खनालले आफ्नो नेतृत्वमा बन्ने नयाँ सरकार बामपन्थीकोमात्र गठबन्धन नहुने स्पष्ट पारेका छन् ।

 

PM elect Jhalanath Khanal. Photo: Sitaram


उनले आफ्नो नेतृत्वको सरकारमा सामेल हुन नेपाली कांग्रेसलगायतका दलहरुलाई आव्हानपनि गरेका छन् ।

एमाओवादीको समर्थनमा एमाले अध्यक्ष खनाल प्रधानमन्त्री बनेपछि नयाँ बन्न लागेको सरकारलाई बाम गठबन्धनको रुपमा नेपाली कांग्रेसले परिभाषित गरेका बेला आफ्नो स्वागतमा पार्टी कार्यालयमा आयोजित स्वागत कार्यक्रममा नव निर्वाचित प्रधानमन्त्री खनालले आफू अन्य लोकतान्त्रिक शक्तिहरुसँग सहकार्य गरेर जाने र उनीहरुलाई पनि सरकारमा सामेल गराउने योजनामा रहेको बताएका हुन् ।

आफ्नो स्वागतमा पार्टी कार्यालयमा आयोजित स्वागत कार्यक्रममा नव निर्वाचित प्रधानमन्त्री खनालले सम्बाददाताहरुसँग कुराकानी गर्दै भने- 'नयाँ बन्न लागेको सरकारलाई वामपन्थी गठबन्धनको रुपमा नलिइदिन मेरो अनुरोध छ, यो सरकारमा नेपाली कांग्रेसलगायतका लोकतान्त्रिक पार्टीहरुपनि सामेल हुनेछन् भन्ने विश्वास मैले लिएको छु ।'

त्यस अवसरमा खनालले आफ्नो नेतृत्वमा गठन हुने मन्त्री मण्डल सानो हुने प्रतिवद्धता व्यक्त गरे । सत्ता टिकाउन उनका पूर्ववर्ती प्रधानमन्त्री माधब नेपालले चाहिँ ४२ जनाको मन्त्री मण्डल बनाएका थिए । आफै चुनाव हारेका नेपालको मन्त्री मण्डलमा अधिकांस मन्त्रीहरु सम्बिधान सभाको चुनाव हारेका र चुनावमा प्रतिस्पर्धान नगरेकाहरु थिए ।

पार्टी अध्यक्ष खनाल प्रधानमन्त्रीमा निर्वाचित भएपछि पार्टी कार्यालयमा आयोजना गरिएको स्वागत कार्यक्रममा निवर्तमान प्रम नेपाल प्रभावशाली नेता केपी ओली सहभागी थिएनन् । पूर्व उपप्रधानमन्त्री तथा पार्टीका बरिष्ठ उपाध्यक्ष बामदेव गौतम भने कार्यक्रममा उत्साहपूर्वक सहभागी भएका थिए । गौतम खनाललाई शुभकामना दिन आउनेहरुलाई लाइनमा मिलाउनपनि व्यस्त देखिन्थे।

प्रधानमन्त्री नेपाल चाहिँ खनालको स्वागतमा आयोजना गरिएको कार्यक्रम सकिएपछिमात्र पार्टी कार्यालय पुगेका थिए । ओलीपनि कार्यक्रम सकिएपछिमात्र पुगेका थिए । सो कार्यक्रम सकिएपछि पार्टी स्थायी समितिको बैठक बस्ने कार्यक्रम भएकाले निवर्तमान प्रम नेपाल र ओली पार्टी कार्यालय पुगेका थिए । पार्टी कार्यालय पुग्दा प्रम नेपालको अनुहार पहिले जस्तो उज्यालो देखिएको थिएन ।

-Sitaram Baral in Kathmandu

 

एमाओवादीले किन रोज्यो झलनाथ खनाललाई ?
Thursday, 03 February 2011 16:39

 

बिशेष टिप्पणी: 8 photos: काठमाडौं- २० माघ २०६७ मा मुलुकले नयाँ प्रधानमन्त्री पाउला भन्नेमा कमैलाई मात्रै विश्वास थियो । त्यसमा पनि १०९ साँसद रहेको एमाले अध्यक्ष झलनाथ खनाल प्रधानमन्त्री बन्नेमा झन कसैलाई पनि विश्वास थिएन । तर प्रचन्डले राती नै खनाललाई प्रधानमन्त्री बनाइ सकेका थिए।


सर्वसाधारणलाई मात्रै होइन राजनीतिका सोघोषित विश्लेषकहरुसमेत खनाल प्रधानमन्त्री हुन्छन् भन्ने छनकसम्म दिन पूर्णतया असफल रहे । हुन त संविधान सभा निर्वाचन र माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल 'प्रचण्ड'ले प्रधानमन्त्री पदबाट राजिनामा दिने विषयमा पनि राजनीतिक पंडितहरुको विश्लेषण हावादारी गफभन्दा घटिया सावित भईसकेको छ । खैर यहाँ चर्चा गर्न खोजिएको माओवादीले खनाललाई किन समर्थन गरे भन्ने विषयमा हो ।

Jhalanath Khanal. Photos: USNepalOnline archive file photos.



प्रचण्डको खल्बलिएको निन्द्रा


एमाओवादी अध्यक्षको कथनलाई सत्य मान्ने हो भने १९ माघमा प्रधानमन्त्रीमा आफ्नो उम्मेदवारी दिएर आएपछि उनी रातभरी सुत्न सकेनन् । काठमाडौं नयाँबजारस्थित सुगा रंगको घरभित्र सबैभन्दा ठूलो पार्टीका ५६ वर्षीय अध्यक्ष प्रचण्डले एक सर्वसाधारणले जस्तै बदला र प्रतिशोधकोबारेमा पनि सोच्न भ्याएछन् । व्यवस्थापिका संसदको वैठक बहिस्कार गर्ने सोच उनको मनमा आईसकेको थियो । बहिस्कार, विरोधभन्दा यतिबेला त्यागको खाँचो रहेको निश्कर्षमा पुगे प्रधानमन्त्रीका चार आँकाक्षी मध्ये सबैभन्दा कम उमेरका दाहाल । २० गते विहान सुर्यास्त हुनुभन्दा पहिला नै दाहालले खनाललाई प्रधानमन्त्री बनाईसकेका थिए ।

Pushpa Kamla Dahal 'Prachanda'. Photos: USNepalOnline archive file photos.

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प्रधानमन्त्री माधवकुमार नेपालको ४३ सदस्सीय जम्बो मन्त्री मन्डलको नालीबेली (as of Jan 27, 2011) PDF Print E-mail
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Written by Anand Gurung, Santa Bagam & Sitaram Baral   
Thursday, 27 January 2011 08:11

काठमाडौं- प्रधानमन्त्री माधवकुमार नेपालको ४३ सदस्सीय जम्बो मन्त्री मन्डलको नालीबेली यस्तो छ:

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३१ बर्षका २८ बजेट भाषणहरु आँफै पढ्नुहोस् अनि घोत्लिनुहोस् कहाँनिर भो देश खोक्रो बनाउने गल्ती ? PDF Print E-mail
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Written by Pradeep Pariyar Thapa Magar   
Monday, 13 July 2009 16:05

Exclusive: न्यू योर्क- प्रस्तुतकर्ता अर्थमन्त्रीहरुमा अन्तिम पञ्चे अर्थमन्त्री भरतबहादुर प्रधानदेखी आ.ब. २०४७/४८ अन्तरिम सरकारका अर्थमन्त्री डा. देवेन्द्रराज पाण्डेसम्म, राजा ज्ञानेन्द्रको हुकुमी शासन पालाका अर्थमन्त्री मधुकर शम्शेर ज.ब.रादेखी हालका एमाले अर्थमन्त्री सुरेन्द्र पाण्डेसम्म छन्।

 

बि. सं. २०३६ को बहुदल-निर्दल जनमत संग्रह पछिका पञ्चे अर्थमन्त्री डा. यादवप्रसाद पन्तदेखी आ.ब. २०४१/४२, २०४२/४३ र २०६०/६१ का डा. प्रकाशचन्द्र लोहनी, आ.ब. २०५४/५५ का रा.प्र.पा. अर्थमन्त्री रविन्द्रनाथ शर्मा छन्।

 

काँग्रेसका अर्थमन्त्रीहरु महेश आचार्य र डा. रामशरण महत, माओवादी का डा. बाबुराम भट्टराई, एमाले अर्थमन्त्रीहरु भरत मोहन अधिकारी र सुरेन्द्र पाण्डे छन्।

 

आर्थिक बर्ष २०३८/३९ देखि २०६३/६४ सम्मको २६ वटा बजेट वक्तव्यहरुको संग्रह नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालय, बजेट तथा कार्यक्रम महाशाखाले प्रकासित गरेको हो।

 

-Pradeep Thapa Magar in New York. Comments? 917-570-1098. Or, This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it

 

३१ बर्ष (आ.ब. २०३८/३९ देखी २०६६/६७) का २८ बजेट भाषणहरु:
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